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महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष धारण करने का महत्व और सही विधि

महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष धारण करने की सही विधि, मंत्र और लाभ
महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष धारण करने की सही विधि, मंत्र और लाभ

महाशिवरात्रि केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिव-चेतना से जुड़ने का एक खास मौका है। इस पवित्र रात में भगवान शिव की पूजा के साथ रुद्राक्ष पहनना बहुत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष (Rudraksha) भगवान शिव के अश्रुओं से उत्पन्न हुआ है, इसलिए इसे पहनना शिव की कृपा पाने का एक प्रभावशाली तरीका है।

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रुद्राक्ष और भगवान शिव का संबंध

रुद्राक्ष और भगवान शिव का गहरा और पौराणिक संबंध है। शिव पुराण के अनुसार, जब भगवान शिव ने लोककल्याण के लिए तप किया, तब उनके आंखों से गिरा आंसू रुद्राक्ष बन गया। इसी कारण शिव को रुद्राक्ष बहुत प्रिय है और शिव भक्तों के लिए इसका खास महत्व है।

महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष धारण क्यों करें

महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पहनने से साधक को आध्यात्मिक और मानसिक दोनों स्तरों पर लाभ मिलता है। इस दिन पहना गया रुद्राक्ष

  • नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है
  • ध्यान और साधना में स्थिरता लाता है
  • ग्रह दोषों के प्रभाव को कम करता है
  • शिव तत्व को जीवन में जागृत करता है

इसीलिए अनुभवी साधुओं और सबसे अच्छे ज्योतिषियों का मानना है कि महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पहनना सबसे अच्छा है।

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शिवरात्रि पर कौन सा रुद्राक्ष पहनें

कार्यक्रम के दौरान कौन सा रुद्राक्ष पहनें, यह अक्सर भक्तों के मन में सवाल बनता है। सामान्य तौर पर

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पंचमुखी रुद्राक्ष का महत्व

पंचमुखी रुद्राक्ष का महत्व विशेष रूप से शिव भक्तों के लिए है। यह पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करता है और

  • रक्तचाप और मानसिक तनाव में संतुलन लाता है
  • ध्यान, जप और पूजा में एकाग्रता बढ़ाता है
  • गृहस्थ जीवन में संतुलन बनाए रखता है

इसलिए यह सबसे अधिक प्रचलित रुद्राक्ष है।

रुद्राक्ष पहनने की सही विधि

रुद्राक्ष पहनने की सही विधि का पालन करना बहुत जरूरी है ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके

  • रुद्राक्ष को गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें
  • शिवलिंग के सामने दीपक जलाएं
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
  • रुद्राक्ष को लाल या सफेद धागे में पहनें

रुद्राक्ष पहनने के कुछ नियम इस प्रकार हैं

  • मांस, शराब और तामसिक भोजन से बचें
  • रुद्राक्ष को अपवित्र स्थान पर न रखें
  • नियमित रूप से मंत्र जाप करें
  • स्नान के बाद ही रुद्राक्ष को छुएं

शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष पहनने का शुभ समय है

  • महाशिवरात्रि
  • सोमवार
  • प्रदोष काल

विशेष रूप से महाशिवरात्रि की रात रुद्राक्ष पहनने के लिए सबसे उत्तम मानी गई है।

रुद्राक्ष पहनने के लिए मंत्र और पूजा विधि

  • ॐ ह्रीं नमः शिवाय

इस मंत्र का जाप करते हुए रुद्राक्ष पहनने से शिव की कृपा जल्दी प्राप्त होती है।

शिव भक्तों के लिए यह रुद्राक्ष गाइड सही चयन और विधि समझने में मदद करती है। सही रुद्राक्ष, सही विधि और सही समय, इन तीनों का ध्यान रखना जरूरी है।

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निष्कर्ष

महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पहनना सिर्फ गहनों का उपयोग नहीं है, बल्कि शिव चेतना को अपनाने का एक संकल्प है। सही विधि, सही मंत्र और श्रद्धा के साथ पहना गया रुद्राक्ष जीवन को संतुलित, शांत और शिवमय बनाता है।

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